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सुप्रीम कोर्ट ने आधार एक्ट के तहत सेक्शन 57 को असंवैधानिक करार दिया है

इस फैसले के बाद बैंक अकाउंट, मोबाइल-वॉलेट और मोबाइल नंबर को अब आधार को लिंक कराने की जरूरत नहीं है. हालांकि, जिन्होंने पहले से ही बैंक खाते को जोड़ रखा है वह इसे डीलिंक कर सकते हैं. कुछ बैंकों ने अपने ग्राहकों को आधार डीलिंक करने की सुविधा देना शुरू कर दिया है. बाकी के बैंक भी सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद यह सुविधा देना शुरू करेंगे. लेकिन, डीलिंक कैसे करें, इसकी सही जानकारी होना जरूरी है.सुप्रीम कोर्ट ने आधार एक्ट के तहत सेक्शन 57 को असंवैधानिक करार दिया है

दूसरी तरफ के अपने ग्राहकों को लगातार मैसेज अलर्ट भेज रहा है कि उनके लें. मोबाइल वॉलेट कंपनी पेटीएम भी अभी तक अपने ग्राहकों से आधार नंबर की मांग कर रही है. हालांकि, एक ग्राहक के विरोध करने पर पेटीएम ने कहा कि वह दूसरे पहचान पत्र भी दे सकते हैं.

> सबसे पहले आपकोकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा. 
> कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉग-इन करें और अपने पर्सनल प्रोफाइल वाले विकल्प पर जाएं
> अब यहां डीलिंक करने के विकल्प की तलाश करें. यहां से डीलिंक होने के बाद इसका डीलिंक होने का एक भी मिलेगा.
> बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर आधार डीलिंक का विकल्प नहीं मिलने की स्थिति में अपनी ब्रांच से संपर्क करें. बैंकों ने इसके लिए एक फॉर्म भी जारी करना शुरू किया है.
> बैंक से अपने फॉर्म के बदले स्वीकृति पत्र लेना न भूलें. इस पर बैंक की मुहर या सील होनी चाहिए.
> आप अपने बैंक को उसकी ऑफिशियल ई-मेल आईडी पर भी भेज सकते हैं. इसके लिए कई बैंकों ने अपनी ई-मेल आईडी शेयर करना शुरू किया है.
> बैंक और टेलीकॉम ऑपरेटर्स को आप एक फॉर्म भरकर भी भेज सकते हैं. इसके लिए कस्टमर सर्विस पर रिक्वेस्ट की जा सकती है. 

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