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BJP का खुमार उतार देगी मुलायम सिंह यादव की गाजीपुर रैली: अफजाल अंसारी

लखनऊ: हाल ही में अपने कौमी एकता दल का सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी में विलय करने वाले अफजाल अंसारी का कहना है कि बीजेपी का मंसूबा एसपी के गढ़ में सेंध लगाने का है, लेकिन आगामी 23 नवम्बर को गाजीपुर में होने जा रही एसपी मुखिया मुलायम सिंह यादव की रैली के बाद उसे जमीनी हकीकत का अंदाजा हो जाएगा.
बीजेपी के नेताओं के लिये यह एक बड़ा झटका

अफजाल अंसारी ने कहा कि पिछली 14 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गाजीपुर के आरटीआई मैदान में हर लिहाज से असफल रैली को सम्बोधित किया था. पूर्वांचल में राजनीतिक सत्ता पर कब्जा करने का मंसूबा लिये बीजेपी के नेताओं के लिये यह एक बड़ा झटका है, जिसे वे दबे लहजे में ही सही, लेकिन स्वीकार कर रहे हैं. अब 23 नवम्बर को इसी मैदान पर एसपी मुखिया मुलायम सिंह यादव ऐतिहासिक रैली के जरिये अपने चुनाव अभियान का आगाज करेंगे. इस रैली के बाद बीजेपी को क्षेत्र में अपनी हैसियत का अंदाजा हो जाएगा.

मोदी की रैली के मुकाबले बहुत बड़ी होगी मुलायम की रैली

उन्होंने दावा किया कि पूर्वाचल में जनसमर्थन के हिसाब से मुलायम और मोदी के बीच कोई तुलना नहीं है. मोदी का गाजीपुर में कुछ नहीं है. मोदी की रैली में अपेक्षा के लिहाज से 40 प्रतिशत भीड़ भी नहीं आयी थी. मुलायम की रैली मोदी की रैली के मुकाबले बहुत बड़ी होगी. इस रैली को लेकर किसानों, गरीब तबके के लोगों और नौजवानों में काफी उत्साह है.

पूर्वांचल को पहले भी तवज्जो देते रहे हैं मुलायम

अंसारी ने बताया कि एसपी मुखिया मुलायम पूर्वांचल को पहले भी तवज्जो देते रहे हैं. वह हमेशा कहते रहे हैं कि इटावा के बाद गाजीपुर उनका घर है. अपने चुनावी अभियान की शुरुआत के लिये गाजीपुर को चुनकर उन्होंने यह साबित भी किया है. वहां की अवाम में भी उनके प्रति मुहब्बत जाहिर करने का उत्साह है.

उन्होंने बताया कि इस बार बीजेपी ने पूर्वाचल फतह करने के लिये काफी जोर लगाया है. यह मानते हुए जोर लगाया है कि यह मुलायम का गढ़ है. अब जाहिर सी बात है कि कोई दूसरा घुसपैठ करना चाहता है तो आदमी अपनी फस्लों की रखवाली के लिये मुस्तैद हो जाता है.

अफजाल अंसारी ने बताया कि इस रैली में चन्दौली, वाराणसी, जौनपुर, बलिया, मऊ, बलिया, गाजीपुर तथा भदोही समेत आठ जिलों के नेता तथा कार्यकर्ता शामिल होंगे.
28 में से 22 सीटें जीती थीं समाजवादी पार्टी

आपको बता दें कि बीजेपी ने राजभर मतदाताओं की खासी संख्या वाले पूर्वांचल में चुनाव जीतने के लिये सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से गठबंधन किया है. एसपी ने साल 2012 के विधानसभा चुनाव में पूर्वाचल के चार प्रमुख जिलों मऊ, गाजीपुर, बलिया और आजमगढ़ की 28 में से 22 सीटें जीती थीं.

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एसपी को ‘गुंडों की पार्टी’ होने का प्रमाणपत्र

माफिया से राजनेता बने मऊ से विधायक मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि शाह उत्तर प्रदेश में हाल की अपनी रैलियों में उनके तथा उनके भाई मुख्तार के बहाने एसपी को ‘गुंडों की पार्टी’ होने का प्रमाणपत्र दे रहे हैं और अपनी पार्टी में एक भी गुंडा ना होने की बात कह रहे हैं. सचाई जानने के लिये शाह खुद को और अपनी पार्टी को आईने में देखें.

हत्या जैसे मुकदमों में आरोपी रह चुके शाह से नहीं चाहिये चरित्र प्रमाणपत्र

उन्होंने कहा, ‘‘हमें पूर्व में तड़ीपार तक किये जा चुके और हत्या जैसे मुकदमों में आरोपी रह चुके शाह से चरित्र प्रमाणपत्र नहीं चाहिये. जहां तक बीजेपी में एक भी आपराधिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति मौजूद नहीं होने के उनके दावे का सवाल है तो उनकी पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के रिकॉर्ड पर नजर डाली जानी चाहिये, जिन पर 10 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं.’’

मुख्तार को कोर्ट ने मुजरिम करार नहीं दिया

अंसारी ने कहा, ‘‘जिस तरह शाह और मौर्य को देश की किसी अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है, उसी तरह उन्हें और उनके भाई मुख्तार को भी किसी न्यायालय ने मुजरिम करार नहीं दिया है. शाह को यह बात याद रखनी चाहिये.’’

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